सुरभि न्यूज़
शिमला, 19 अगस्त
उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बुधवार को एसडीआरएफ एवं एनडीआरएफ के तहत उपलब्ध बजट तथा बरसात के दौरान आपदा से प्रभावित विकास कार्यों की मरम्मत को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त ने सभी उपमंडल अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों, स्कूलों, पेयजल योजनाओं और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र जिला प्रशासन को भेजने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि फील्ड स्तर पर प्रभावित कार्यों के प्रस्ताव तुरंत तैयार कर संबंधित एसडीएम के माध्यम से जिला प्रशासन को भेजे जाएं, ताकि पात्र मरम्मत कार्यों के लिए बजट का शीघ्र प्रावधान किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक प्रस्ताव के साथ डैमेज रिपोर्ट, विस्तृत एस्टीमेट और रिकवरी लेटर संलग्न करना अनिवार्य है। अधूरे प्रस्तावों के कारण बजट जारी करने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी होती है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आपदा प्रभावित योजनाओं की मरम्मत के लिए जिला स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है, लेकिन फील्ड से अपेक्षित संख्या में पूर्ण प्रस्ताव प्राप्त नहीं हो रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों और फील्ड स्टाफ को ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर पूर्ण दस्तावेजों सहित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिन विकास कार्यों के लिए एलओसी (Letter of Credit) जारी की जानी है, उनकी प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी की जाए, ताकि स्वीकृत कार्य समयबद्ध तरीके से शुरू हो सकें।
बैठक में एमपी लैड के तहत स्वीकृत कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने लंबे समय से लंबित कार्यों को शीघ्र शुरू करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वीकृत अनेक कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाए हैं। संबंधित अधिकारी इन कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें और आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी करवाएं।
उन्होंने निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित कोई भी जानकारी या रिपोर्ट जिला स्तर से मांगे जाने पर अधिकतम दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट भेजने में देरी से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं मरम्मत कार्य प्रभावित होते हैं और आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उपायुक्त ने कहा कि आपदा प्रभावित योजनाओं एवं सार्वजनिक परिसंपत्तियों की मरम्मत के लिए कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों के आधार पर आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर जिला उपायुक्त कार्यालय को भेजे जाएं, ताकि वास्तविक जरूरत वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर बजट उपलब्ध करवाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (प्रोटोकॉल) ज्ञान सागर नेगी, जिला योजना अधिकारी डॉ. निवेदिता नेगी, जिला राजस्व अधिकारी शिवानी भारद्वाज सहित जिला भर के विभिन्न विभागों के आला अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।











