साहित्य : कविता – अहिल्या! : लोकेश कुमार वर्मा : शिक्षक रायपुर, छत्तीसगढ़
अहिल्या! लोकेश कुमार वर्मा तेरे नाम में धूल नहीं, प्रश्न हैं— त्रेता की तीखी हवा में क्यों महिला ही लहू-सी पिघलती रही? इंद्र का छल आया, वचनौचित्य का बवंडर उठा, पर श्राप वही मिला जिसकी छाया पर कोई उसके अंत:करण का आभास न था। पत्थर बना देह — मौन काContinue Reading



















